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Why Radharani's name comes before Krishna's

Why Radharani's name comes before Krishna's
By Admin

Why Radharani’s name comes before Krishna’s? Why do we say "Radha Krishna" and not "Krishna Radha"? राधारानी का नाम कृष्ण से पहले क्यों आता है? 

भगवान् कृष्ण परम शक्तिमान हैं – समस्त शक्तियों के स्रोत, और राधारानी उनकी आध्यात्मिक शक्ति हैं । शक्ति के बिना शक्तिमान का अस्तित्व संभव नहीं और शक्तिमान के बिना शक्ति का हों संभव नहीं है । जैसे सूर्य के बिना सूर्यप्रकाश नहीं हो सकता और सूर्यप्रकाश के बिना सूर्य नहीं होता । उसी प्रकार राधा के बिना श्री कृष्ण पूर्ण नहीं और श्री कृष्ण के बिना राधारानी पूर्ण नहीं हैं । इसी कारण वैष्णव सिद्धांत के अनुसार सर्वप्रथम राधारानी को प्रणाम तथा पूजा अर्पण कि जाती है ।

भगवान् कृष्ण भगवद्गीता में कहते हैं, “देवीम् प्रकृतिम आश्रितः” – महात्मा जन मेरी आध्यात्मिक शक्ति का आश्रय लेते हैं । भगवान् कृष्ण तक सीधे पहुँच पाना सम्भव नहीं है, इसलिए भक्तजन राधारानी और कृष्ण , दोनों से प्रार्थना करते हैं । राधारानी कि कृपा से भगवान् कृष्ण तक सरलता से पंहुचा जा सकता है । इसलिए भगवान् और उनकी शक्ति को सदा ‘राधा-कृष्ण’ कहकर संबोधित किया जाता है । इसी प्रकार वैष्णव ‘लक्ष्मी-नारायण’ और ‘सीता-राम’ कि आराधना करते हैं । जो भी हो – सीता-राम, राधा कृष्ण या लक्ष्मी-नारायण – शक्ति सदा पहले आती है ।

 

Lord Krishna is the supreme energetic – the source of all energies and Radharani is the spiritual energy of Krishna. Without energy, there cannot be energetic, and without the energetic, there is no energy. Just like the sun cannot be without sunshine and the sunshine cannot be without the sun. Similarly, without Radha there is no meaning to Krishna, and without Krishna there is no meaning to Radha. Because of this, the Vaishnava philosophy first of all pays obeisances to and worships Radharani.

Lord Krishna says in the Bhagavad-gita, “daivim prakritim asritah” – great souls take shelter of my spiritual energy. It is not possible to approach Krishna directly, so the devotees pray to Radharani and Krishna. By the mercy of Radharani, one can approach Krishna easily. Thus the Lord and His potency are always referred to as Radha-Krishna. Similarly, the vaishnavas worship Lakshmi-Narayana or Sita-Rama. In any case—Sita-Rama, Radha-Krishna, Lakshmi-Narayana—the potency always comes first.


 

Category : Pariprashna
Posted On : 01 Jun 2018
Admin

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